जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है

जननी जन्मभूमि, स्वर्ग से महान है। इसके वास्ते ये तन है, मन है और प्राण हैं।। इसके कण-कण में लिखा राम-कृष्ण नाम है। हुतात्माओं के रूधिर से भूमि शस्य-श्याम है। धर्म का ये धाम है, सदा इसे प्रणाम है। स्वतंत्र है धरा यहां, स्वतंत्र आसमान है। जननी जन्मभूमि, स्वर्ग से महान है।।1।। इसकी आन परContinue reading “जननी जन्मभूमि स्वर्ग से महान है”

देश हमें देता है सब कुछ

http://www.bvpindia.com/cks_01.htm देश हमें देता है सब कुछ, हम भी तो कुछ  देना सीखें।। सूरज हमें रोशनी देता, हवा नया जीवन देती है, भूख मिटाने को हम सबकी, धरती पर होती खेती है, औरों का भी हित हो जिसमें, हम ऐसा कुछ करना सीखें।। 1।। पथिकों को तपती दुपहर में, पेड़ सदा देते हैं छाया, सुमन सुगंध सदाContinue reading “देश हमें देता है सब कुछ”

भारत वंदे मातरम्

http://www.bvpindia.com/cks_23.htm भारत वंदे मारतम् जय, भारत वंदे मातरम्।। भारत वंदे मातरम् जय, भारत वंदे मातरम्।। रुक ना पाए तू्फानों में, सबके आगे बढ़े कदम जीवन पुष्प चढ़ाने निकले माता के चरणों में हम।। वंदे मातरम।।1।। मस्तक पर हिमराज विराजित, उन्नत माथा माता का। चरण धो रहा विशाल सागर, देश यही सुंदरता का। हरियाली साड़ी पहनेContinue reading “भारत वंदे मातरम्”

निर्माणों के पावन युग में

निर्माणों के पावन युग में हम चरित्र निर्माण न भूलें। स्वार्थ समाधान की आँधी में वसुधा का कल्याण न भूलें।। माना अगम अगाध सिंधु है, संघर्षों का पार नहीं है, किन्तु डूबना मझधारों में, साहस को स्वीकार नहीं है, जटिल समस्या सुलझाने को नूतन अनुसंधान न भूले।।1।। शीतल विनय आदर्श श्रेष्ठता तार बिना झंकार नहींContinue reading “निर्माणों के पावन युग में”

संगठन गढ़े चलो

संगठन गढ़े चलो, सुपंथ पर बढ़े चलो, भला हो जिसमें देश का, वो काम सब किए चलो।। युग के साथ मिल के सब, कदम बढ़ाना सीख लो, एकता के स्वर में गीत गुनगुनाना सीख लो, भूल कर भी सुख में जाति, पंथ की न बात हो, भाषा प्रांत  के लिए, कभी न रक्तपात हो, फूट काContinue reading “संगठन गढ़े चलो”

राष्ट्र की जय चेतना

राष्ट्र की जय चेतना का गान वंदे मातरम्, राष्ट्रभक्ति प्रेरणा का गान वंदे मातरम्।। वंदे मातरम् …. वंशी के बहते स्वरों का प्राण वंदे मातरम्, झल्लरी झनकार झनके नाद वंदे मातरम्, शंख के संघोष का संदेश वंदे मातरम्।।1।। सृष्टि बीज मंत्र  का है मर्म वन्दे मातरम्, राम के वनवास का काव्य है वंदे मातरम्, दिव्यContinue reading “राष्ट्र की जय चेतना”

Chalein Gaaon Ki Ore (चलें गाँव की ओर)

http://shakha-geet.blogspot.in/2016/06/chalein-gaaon-ki-ore.html Chalein Gaaon Ki Ore (चलें गाँव की ओर) स्वावलंबी  स्वाभिमानी भाव जगाना है, चलें गाँव के ओर, हमें फिर वैभव लाना है || हर घर में गो-माँ की सेवा, पशुधन का हो पालन, जल की रक्षा करने से हो, धरती माँ का पोषण | बने औषधि पंचगव्य से, खाद….. गोबर से, स्वच्छ रहेंगे, स्वस्थContinue reading “Chalein Gaaon Ki Ore (चलें गाँव की ओर)”

भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु

भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु सदा विवेकानन्दमयम् । सुविवेकमयं स्वानन्दमयम् ॥धृ॥ तमोमयं जन जीवनमधुना निष्क्रियताऽऽलस्य ग्रस्तम् । रजोमयमिदं किंवा बहुधा क्रोध लोभमोहाभिहतम् । भक्तिज्ञानकर्मविज्ञानै: भवतु सात्विकोद्योतमयम् ॥१॥ वह्निवायुजल बल विवर्धकं  पाञ्चभौतिकं विज्ञानम् । सलिलनिधितलं गगनमण्डलं करतलफलमिव कुर्वाणम् । दीक्षुविकीर्णं मनुजकुलमिदं घटयतुचैक कुटुम्बमयम् ॥२॥ सगुणाकारं ह्यगुणाकारं एकाकारमनेकाकारम् । भजन्ति एते भजन्तु देवं स्वस्वनिष्ठया विमत्सरम् । विश्वधर्ममिममुदारभावं प्रवर्धयतु सौहार्दमयम् ॥३॥ जीवे जीवे शिवस्यरूपं सदा भवयतु सेवायाम् । श्रीमदूर्जितं महामानवं समर्चयतु निजपूजायाम् ।Continue reading “भुवनमण्डले नवयुगमुदयतु”

मनसा सततम् स्मरणीयम्

मनसा सततम् स्मरणीयम् मनसा सततम् स्मरणीयम् वचसा सततम् वदनीयम् लोकहितम् मम करणीयम् ॥धृ॥ न भोग भवने रमणीयम् न च सुख शयने शयनीयम् अहर्निशम् जागरणीयम् लोकहितम् मम करणीयम् ॥१॥ न जातु दुःखम् गणनीयम् न च निज सौख्यम् मननीयम् कार्य क्षेत्रे त्वरणीयम् लोकहितम् मम करणीयम् ॥२॥ दुःख सागरे तरणीयम् कष्ट पर्वते चरणीयम् विपत्ति विपिने भ्रमणीयम् लोकहितम् ममContinue reading “मनसा सततम् स्मरणीयम्”

BRICS -Labour & employment Ministers Conference

Today(26-07-2017) BRICS -Labour & employment Ministers Conference held at Changqing , China. All the members of Trade Unions were invited.Indian Labour Minister and Labour Secretary were also present .Sri B.Surendran ji  National Organising secretary -BMS-Bharat met ILO Director General Mr.Guy Ryder and Secretary General of ISSA Mr.Konkesky, an international expert on Social Security along withContinue reading “BRICS -Labour & employment Ministers Conference”